मेरा नाम आर्या है। उम्र पच्चीस। बॉलीवुड की पोर्नस्टार। स्क्रीन पर लोग मुझे “हॉट आर्या” कहकर पुकारते हैं। पर घर में मैं सिर्फ पापा की बेटी हूँ। पापा की उम्र बयालीस। अभी भी तगड़े शरीर वाले, चौड़ी छाती, घने बाल, और वह मोटा लंबा लंड जो मैंने बचपन से ही चोरी-छिपे देखा था।
आज घर में सिर्फ हम दोनों थे। मम्मी गाँव गई हुई थीं। मैंने शूटिंग खत्म करके घर पहुँची। बॉडी पर अभी भी ऑयल और पसीने की हल्की सी गंध थी। मैंने छोटा सा टॉप और टाइट शॉर्ट्स पहना था। निप्पल साफ दिख रहे थे।
पापा लिविंग रूम में टीवी देख रहे थे। मैं उनके सामने जाकर खड़ी हो गई।
“पापा…” मैंने धीरे से कहा।
उन्होंने सिर उठाया। मेरी तरफ देखा। नज़रें मेरी जांघों पर ठहर गईं।
“क्या बात है बेटा?”
मैंने शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाल लिया। उंगली से अपनी चुत छूने लगी। “देखो पापा… मैं हस्तमैथुन कर रही हूँ।”
पापा की आँखें फैल गईं। “आर्या… यह क्या…?”
“शूटिंग में आज डायरेक्टर ने कहा था कि मेरी चुत बहुत गीली रहती है कैमरे के सामने। सोच रही थी… क्या पापा के सामने भी उतनी ही गीली हो जाएगी?”
मैंने शॉर्ट्स नीचे सरका दिए। बिना पैंटी के। चिकनी मुंडाई की हुई चुत, गुलाबी होंठ पहले से चमक रहे थे। मैंने दो उंगलियाँ अंदर डाल लीं और जोर से रगड़ने लगी।
“उम्म्म… पापा देखो… आपकी बेटी की चुत कितनी गीली है…”
पापा के पैंट में जोर का उभार आ गया। उन्होंने कुछ नहीं कहा। बस देख रहे थे।
मैं सोफे के सामने घुटनों के बल बैठ गई। टाँगें फैला दीं। एक हाथ से चुत खोलकर दिखाई, दूसरे हाथ से क्लिट रगड़ने लगी।
“पापा… आपका लंड देखना है मुझे। निकालो ना…”
पापा ने धीरे से जिपर खोला। वह मोटा, नसों वाला, लंबे लंड बाहर निकला। पहले से ही सख्त। सुपाड़ी जितना मोटा सिर, पहले से चिपचिपा।
“बड़ा हो गया पापा का…” मैंने हँसते हुए कहा और और जोर से उंगली मारने लगी। “क्या आपकी बेटी को देखकर इतना खड़ा हो जाता है?”
“आर्या… बंद कर…” उनकी आवाज कड़क थी, लेकिन लंड और ज्यादा तन गया।
मैंने उंगलियाँ निकालीं। चमकती हुई। मुँह के पास ले जाकर चाटी। “स्वाद देखो पापा… आपकी बेटी का पानी…”
फिर मैं उनके करीब घिसट गई। उनके लंड को हाथ में ले लिया। इतना मोटा कि मेरी मुट्ठी पूरी नहीं बंद हो पा रही थी। ऊपर-नीचे सहलाने लगी।
“पापा… आज शूटिंग में तीन लंड एक साथ लिए थे। पर किसी का स्वाद आपके जैसा नहीं था। बचपन से यही सोचती थी… एक दिन पापा का लंड अपनी चुत में लूँगी।”
पापा का हाथ मेरे बालों में घुस गया। उन्होंने मेरा मुँह अपने लंड की तरफ दबाया। मैंने जीभ निकाली और सुपाड़ी को चाटा। फिर पूरा मुँह में ले लिया। गला तक। आँखों में पानी आ गया, लेकिन मैंने रुकना नहीं।
“चूस… अपनी पापा का लंड चूस…” उन्होंने दबी आवाज में कहा।
मैंने दोनों हाथों से लंड पकड़कर जोर-जोर से मुँह में लेना शुरू कर दिया। थूक बह रहा था। आवाजें आ रही थीं—घप-घप-घप। मेरी चुत खुद-ब-खुद पानी छोड़ रही थी। फर्श पर बूंदें गिर रही थीं।
पापा ने मेरे बाल पकड़कर जोर से दबोच लिया। गले तक ठूंस दिया। मैंने आँखें बंद कर लीं और बर्दाश्त किया। जब उन्होंने छोड़ा तो मैंने हाँफते हुए कहा, “और अंदर… और गहरा…”
फिर मैं उठी और उनकी गोद में बैठ गई। लंड को अपनी चुत के मुँह पर लगाकर रगड़ने लगी।
“पापा… डाल दो। अपनी बेटी की चुत में अपना लंड डाल दो।”
उन्होंने कमर ऊपर की। एक झटके में आधा लंड अंदर चला गया। मैं चीख पड़ी। “आह्ह्ह… पापा… इतना मोटा… फट जाएगी…”
लेकिन मैंने खुद को और नीचे धकेल दिया। पूरा लंड अंदर तक चला गया। मेरी चुत पूरी तरह फैल गई थी। अंदर तक भरा हुआ अहसास।
“अब हिल… अपनी बेटी को चोदो पापा…”
पापा ने मेरी कमर पकड़ी और नीचे से जोर-जोर से ठोकने लगे। हर धक्के पर मेरी गांड की मांसपेशियाँ काँप रही थीं। स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैंने टॉप ऊपर कर दिया। पापा ने एक निप्पल मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगे।
“उम्म पापा… और जोर से… अपनी आर्या की चुत फाड़ दो…”
हम दोनों पसीने से तर हो गए। सोफा चरमरा रहा था। मैंने अपना क्लिट रगड़ना शुरू कर दिया जबकि पापा अंदर बाहर कर रहे थे।
“पापा… मैं आने वाली हूँ… आपकी बेटी आपकी लंड पर झड़ने वाली है…”
मैं जोर से काँपी। चुत ने पापा के लंड को जकड़ लिया। पानी की धार निकल गई। पापा ने भी जोर से साँस ली और बोले, “अंदर छोड़ूँ…?”
“हाँ पापा… अपनी बेटी की कोख में अपना वीर्य भर दो… गर्भवती बना दो अपनी पोर्नस्टार बेटी को…”
पापा ने आखिरी कुछ जोरदार धक्के मारे और फिर रुक गए। गर्म, गाढ़ा वीर्य मेरी चुत में छूटने लगा। इतना ज्यादा कि बाहर भी निकलकर जाँघों पर बहने लगा।
मैं उनके सीने पर गिर पड़ी। हाँफ रही थी। लंड अभी भी अंदर था।
थोड़ी देर बाद मैंने धीरे से कहा, “पापा… एक बार और। आज रात भर। मैं आपकी रंडी बनना चाहती हूँ।”
पापा ने मुझे उठाया और बेडरूम की तरफ ले गए। बिस्तर पर लिटाया। मेरी टाँगें कंधों पर रखीं और फिर से अंदर घुसेड़ दिया। इस बार और भी गहरा।
रात भर हमने सब कुछ किया।
मैं घुटनों के बल झुकी रही तो पापा ने पीछे से बुर और गांड दोनों में बारी-बारी डाला। मैंने उन्हें चाटा, चूसा, अपने स्तनों के बीच लंड रगड़ा। उन्होंने मेरा मुँह में वीर्य छोड़ा, फिर मेरी चुत में, फिर मेरी गांड में। हर बार मैंने चाट-चाट कर साफ किया।
“पापा का स्वाद… सबसे अच्छा…” मैं बार-बार दोहराती रही।
सुबह जब रोशनी आई तो मेरी चुत सूजी हुई थी, जाँघों पर सूखा वीर्य चिपका हुआ था, और पापा का लंड अभी भी आधा खड़ा था।
मैं मुस्कुराई और उनके लंड को फिर हाथ में ले लिया।
“पापा… आज की शूटिंग कैंसल। आज सिर्फ आपका दिन है। आपकी बेटी सिर्फ आपके लिए झड़ेगी।”
और फिर से शुरू हो गया।
पापा ने मुझे खिड़की के पास खड़ा किया। पर्दा आधा खुला था। किसी ने देखा या नहीं, हमें परवाह नहीं थी। उन्होंने पीछे से घुसाया और मेरे कान में गंदे शब्द बोलते रहे—
“मेरी हरामी बेटी… बॉलीवुड की रंडी… सिर्फ पापा के लंड की दीवानी…”
मैंने सिर पीछे किया और उनके मुँह में जीभ डाल दी। चुंबन गहरा था, लार बह रही थी।
दोपहर तक हमने रसोई में भी किया। मैंने फ्रिज का दरवाजा पकड़ रखा था और पापा पीछे से ठोक रहे थे। दूध की बोतल गिर गई। हम दोनों हँसे और फिर और जोर से जुड़े।
शाम को मैंने खुद को बाँधने को कहा। पापा ने मेरी कलाई बिस्तर के हेडबोर्ड से बाँध दी। फिर धीरे-धीरे यातना देते हुए चोदा। कभी सिर्फ सिर अंदर, कभी पूरा। मैं तड़प रही थी।
“पापा प्लीज… पूरा डालो… अपनी बेटी को राहत दो…”
जब उन्होंने आखिरकार पूरा डाला और अंदर झड़ गए तो मैं रो पड़ी। खुशी के आँसू।
रात के खाने के बाद मैंने उनके लिए डांस किया। वैसा ही जैसा शूटिंग में करती हूँ। कपड़े एक-एक करके उतारे। आखिर में नंगी होकर उनकी गोद में बैठ गई और खुद लंड पर सवार हो गई।
“देखो पापा… आपकी पोर्नस्टार बेटी कैसे अपनी चुत में पापा का लंड बैठा रही है…”
मैं ऊपर-नीचे कूद रही थी। स्तन थप्पड़ खा रहे थे। पापा के हाथ मेरी गांड पर थे, कभी थप्पड़ मार रहे थे, कभी खोल रहे थे।
हमने गिनती खो दी कि कितनी बार झड़े। सुबह चार बजे तक शरीर में जान नहीं बची थी। फिर भी मैंने उनका लंड मुँह में ले रखा था, धीरे-धीरे चूसते हुए।
“पापा…” मैंने मुँह से लंड निकालकर कहा, “अब से जब भी घर आऊँगी… पहले आपको चुसवाऊँगी। फिर अपनी चुत दूँगी। मम्मी के सामने भी अगर मौका मिला तो…”
पापा ने मेरे बाल सहलाए। आँखों में थकान के साथ एक अजीब सी भूख थी।
“सो जा आर्या… कल फिर से शुरू करेंगे।”
मैं उनकी छाती पर लेट गई। उनके लंड को हाथ में पकड़े हुए। अंदर अभी भी उनका वीर्य भरा हुआ था। बाहर बह रहा था।
मैं मुस्कुराई।
बॉलीवुड की सबसे हॉट पोर्नस्टार। और घर में सिर्फ पापा की रंडी बेटी।
यही मैं बनना चाहती थी।
और पापा… उन्होंने मुझे पूरा दे दिया।


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