रात के बारह बज चुके थे जब प्रिया बाथरूम से निकली। भाप अभी भी उसके शरीर से उठ रही थी। बाल कंधों तक गीले थे और पीठ पर चिपक रहे थे। उसने तौलिया बाँधा था, लेकिन वह इतना छोटा था कि उसके भारी स्तन ऊपर से लगभग निकल आए थे और नीचे जांघों के ऊपरी हिस्से तक ही पहुँचता था। चलते हुए तौलिया सरकता रहा। एक गुलाबी निप्पल बाहर आ गया, सख्त और भीगा हुआ।
लिविंग रूम में राजेश सोफे पर बैठे थे। टीवी चालू था लेकिन वे देख नहीं रहे थे। बेटी के कदमों की आहट सुनते ही उन्होंने सिर उठाया।
प्रिया उनके सामने खड़ी हो गई। तौलिया और ढीला हो गया। दोनों स्तन अब साफ दिख रहे थे—गोरे, भारी, नीचे की ओर लटके हुए, निप्पल गाढ़े गुलाबी और खड़े। कमर पतली थी, कूल्हे चौड़े। तौलिया के नीचे काली घनी झाड़ियाँ झलक रही थीं।
“पापा,” उसने धीमी आवाज़ में कहा, “मुझे सच बताना है।”
राजेश की निगाह उसके शरीर पर टिकी रही। “क्या हुआ?”
प्रिया उनके पास आई और सोफे के किनारे बैठ गई। तौलिया पूरी तरह खुल गया। वह नंगी हो गई। उसने कोई शर्म नहीं दिखाई। बल्कि उसने अपने दोनों स्तनों को हाथों से उठाया, निप्पलों को उँगलियों से मसलते हुए कहा, “मैं पॉर्न करने जा रही हूँ। एक प्रोड्यूसर ने मुझे चुना है। वो कहते हैं मेरा चेहरा तो Innocent है लेकिन बॉडी पूरी स्लट जैसी है। बड़ी चूचियाँ, मोटी गांड, और चूत जो कैमरे में बहुत अच्छी दिखेगी। लेकिन मुझे डर्टी टॉक आनी चाहिए। और मुझे कैमरे के सामने बिना हिचकिचाहट चोदना भी आना चाहिए। पापा… आप ही सिखा सकते हो।”
राजेश चुप रहे। उनकी पैंट में लंड पहले ही फूल चुका था। उन्होंने कुछ नहीं कहा जब प्रिया उनके घुटनों के बीच फर्श पर बैठ गई और जिप खोलने लगी।
उसने मोटा, गहरा रंग लिए लंड बाहर निकाला। नसें उभरी हुई थीं। सिर चिकना और पहले से गीला। प्रिया ने उसे दोनों हाथों में लिया, नापते हुए। “इतना मोटा… पापा आपका लंड तो उन लड़कों से बड़ा है जो मुझे कास्टिंग में चोदेंगे।” उसने जीभ निकाली और सिर के छेद पर गोला बनाया। कड़वे स्वाद को चाटा। फिर मुँह खोलकर आधा लंड निगल लिया। गला भर गया। आँखें नम हो गईं लेकिन उसने और अंदर लिया। नाक पिता के पेट के बालों से रगड़ खा रही थी।
राजेश का हाथ उसके गीले बालों में घुस गया। उन्होंने सर को पकड़कर अपने हिसाब से हिलाना शुरू किया। प्रिया की लार लंड पर बह रही थी, ठुड्डी तक आ रही थी, फिर गर्दन पर टपक रही थी और स्तनों के बीच से नीचे सरक रही थी।
उसने लंड निकाला, साँस ली, और पिता की आँखों में देखते हुए कहा, “डैडी का मोटा लंड मेरे गले को फाड़ रहा है… मैं इसे पूरा निगलना चाहती हूँ… मेरी छोटी सी जिह्वा आपके गाँड के छेद तक पहुँच जाए… पापा मुझे अपनी मुँह की रंडी बना दो।”
फिर से निगल लिया। इस बार गहरी। गला खड़खड़ाया। राजेश ने उसे और जोर से ठोका। प्रिया की आँखों से आँसू बह रहे थे लेकिन वह रुक नहीं रही थी। एक हाथ से वह अपने स्तन मसल रही थी, दूसरे हाथ से अपनी चूत में उँगली डाले हुए थी। उँगली निकालकर दिखाई—पूरी चमकदार, चिपचिपी।
राजेश खड़े हो गए। प्रिया को बालों से खींचकर सोफे पर पेट के बल लिटा दिया। उसके नितंब ऊपर उठे हुए थे, गोल और सख्त। दोनों गालों को उन्होंने फैलाया। बीच में गुलाबी, सूजी हुई चूत और उसके ऊपर सिकुड़ी हुई भूरी गांड की अंगूठी। चूत से पहले से पानी टपक रहा था, जांघों के अंदरूनी हिस्से तक चमक रहा था।
उन्होंने दो मोटी उँगलियाँ एक साथ उसकी चूत में घुसेड़ दीं। अंदर गर्म और बहुत तंग था। प्रिया ने तकिया मुँह में दबा लिया लेकिन आवाज़ निकल ही गई।
“इतनी गीली सिर्फ लंड चूसने से?” राजेश की आवाज़ भारी थी। “पॉर्न में तुझे इससे भी ज्यादा बहना पड़ेगा। कैमरा तेरी चूत का पानी बंद-बंद फिल्माएगा।”
उन्होंने उँगलियाँ निकालीं और अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रगड़ा। सिर अंदर-बाहर किया, सिर्फ इतना कि होंठ खुल जाएँ। प्रिया पीछे की ओर धकेल रही थी, और अंदर लेने की कोशिश में।
फिर एक ही झटके में पूरा घुसेड़ दिया।
प्रिया की पीठ अकड़ गई। मुँह से एक लंबी, कटी हुई चीख निकली। “आhhhh पापा—इतना मोटा—मेरी चूत फट रही है—बहुत गहरा—”
राजेश नहीं रुके। कमर पकड़कर उन्होंने जोर-जोर से ठोकना शुरू किया। हर धक्के पर प्रिया की गांड काँपती थी, स्तन सोफे के कपड़े पर रगड़ खाते थे, निप्पल सख्त हो चुके थे। चूत की आवाज़ गंदी और गीली थी—पच-पच, पच-पच। पानी सोफे पर फैल रहा था।
“बोल,” उन्होंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा, लाल निशान छोड़ते हुए। “कैमरे के लिए बोल। डैडी फक माई टाइट होल।”
प्रिया की आवाज़ काँप रही थी लेकिन शब्द साफ थे। “डैडी फक माई टाइट होल… मेरे छोटे से चुदक्कड़ छेद को अपनी मोटी गांड की तरह फैला दो… मैं आपकी रंडी बेटी हूँ… मुझे कुतिया बनाकर चोदो… और गहरा पापा… मेरे गर्भाशय तक पहुँच जाओ…”
राजेश ने और तेज़ किया। एक हाथ से उसके बाल पकड़े, दूसरे से कमर। लंड हर बार पूरा निकलता और फिर जड़ तक धँस जाता। प्रिया का शरीर आगे-पीछे हो रहा था। उसकी चूत इतनी तंग थी कि हर निकास पर होंठ लंड को पकड़कर रखते थे, मानो छोड़ना न चाहते हों।
वे बेडरूम तक पहुँचे बिना ही सोफे पर ही कई मिनट चोदते रहे। फिर राजेश ने लंड निकाला—चूत से एक लंबी चमकदार लड़ी निकलकर लंड से चिपक गई—और प्रिया को पलटा। अब वह पीठ के बल थी, पैर उनके कंधों पर। इस कोण में लंड और गहरा गया। प्रिया के पेट के निचले हिस्से में हल्का उभार दिख रहा था जब वह अंदर जाता था।
उसने अपने स्तन दोनों हाथों से दबाए, निप्पलों को मरोड़ते हुए चीखी, “पापा देखो—आपका लंड मेरे पेट में दिख रहा है… मेरी छोटी सी कोख को फाड़ रहे हो… मैं आने वाली हूँ… आपकी बेटी की चूत फटने वाली है…”
राजेश ने अंगूठे से उसके क्लिट को जोर से मसला। साथ में कमर नहीं रोकी। प्रिया का शरीर लहराया। उसकी चूत ने लंड को जकड़ लिया और फिर पानी की तेज़ धार निकलने लगी। सोफे भीग गया। वह squirt करते हुए सिसक रही थी, पैर काँप रहे थे, लेकिन फैलाए रखे थे।
राजेश बाहर नहीं निकले। वे उसी भीगी, ऐंठी हुई चूत में और तेज़ ठोकते रहे जब तक प्रिया की squirt धीमी नहीं पड़ी। तब जाकर उन्होंने लंड निकाला। वह अभी भी पत्थर जैसा था, चूत के रस से चमक रहा था।
“अब गांड।”
प्रिया की आँखें बड़ी हो गईं लेकिन उसने पैर और फैला दिए, अपने दोनों गालों को हाथों से खींचकर गांड का छेद दिखाया। वह अभी भी सिकुड़ा हुआ था, छोटी भूरी अंगूठी, चारों तरफ चूत का पानी लगा हुआ।
राजेश ने थूक जमाया, दो उँगलियों से छेद को खोला, और अपना सिर अंदर धकेला। प्रिया की साँस अटक गई। आँखें बंद हो गईं। माथा पर पसीना था।
“आह्ह्ह… पापा… बहुत मोटा… मेरी गांड फट जाएगी… धीरे… उफ्फ्फ धीरे—”
आधा गया तो उन्होंने रुककर उसे साँस लेने दी। फिर एक ही धक्के में जड़ तक घुसेड़ दिया। प्रिया का मुँह खुला रह गया। आवाज़ नहीं निकली पहले, फिर एक लंबी, काँपती चीख। राजेश अंदर रुके रहे, उसके पेट पर हाथ रखकर महसूस किया कि लंड कितना गहरा है। फिर धीरे-धीरे चलना शुरू किया। गांड इतनी तंग थी कि हर इंच निकलते समय खिंचती थी।
प्रिया के नाखून सोफे में गड़ गए। “डैडी… मेरे टाइट असहोल को फक करो… इसे अपना बना लो… मैं आपकी छोटी सी गांडवाली बेटी हूँ… दोनों होल्स आपके हैं… बाकी दुनिया के लंड बाद में आएँगे लेकिन पहला आपका ही रहेगा…”
राजेश पागलों की तरह चोदने लगे। खड़े होकर उन्होंने प्रिया को गोद में उठा लिया। उसके पैर उनकी कमर पर लिपट गए, हाथ गले में। इस पोजीशन में गांड और ज्यादा खुल गई। हर उछाल पर प्रिया के स्तन उनके चेहरे से रगड़ खाते थे। उन्होंने एक निप्पल मुँह में ले लिया और दाँत से दबाया।
बेडरूम में जाकर उन्होंने उसे बिस्तर पर गिराया। अब प्रिया ऊपर थी—रिवर्स। उसकी गांड पिता के चेहरे की तरफ, चूत उनके मुँह पर। राजेश ने जीभ चूत में घुसेड़ दी और क्लिट चूसा जबकि प्रिया खुद उनकी गांड में धँसे लंड पर उछल रही थी। नीचे से चाटे जाने और ऊपर से गांड फटने का अहसास एक साथ था। प्रिया का दिमाग खाली हो रहा था। वह सिर्फ अश्लील शब्द दोहरा रही थी, कभी हिंदी, कभी टूटी अंग्रेज़ी।
वह दूसरी बार आई। इस बार चूत से पानी पिता के चेहरे और गर्दन पर गिरा। राजेश ने उसे चाटा, निगला, और फिर उसे नीचे खींचकर डॉगी में कर दिया। अब बारी-बारी दोनों छेद। दस धक्के चूत में, दस गांड में। चूत से निकला रस गांड के छेद को और चिकना कर रहा था। प्रिया का चेहरा तकिए में दबा था, लेकिन आवाज़ दब नहीं रही थी।
आखिर में राजेश ने उसे कमर के बल लिटाया, पैर फैलाए, और पहले उसकी चूत के अंदर गाढ़ा वीर्य उंडेला—इतना कि बाहर निकलकर गांड तक बह गया। फिर लंड निकालकर गांड में घुसेड़ा और बाकी सब वहीं छोड़ दिया। आखिरी फुहारें निकालकर उन्होंने लंड उसके खुले मुँह पर रख दिया। प्रिया ने थका हुआ मुँह खोला और बाकी चाट लिया, निगल लिया।
वे दोनों बिस्तर पर पड़े रहे। पसीना, वीर्य, चूत का पानी—सब मिला हुआ। प्रिया के दोनों छेद लाल, फैले, टपकते हुए थे। उसने पिता की छाती पर सिर रखा, उँगली से उनके लंड पर बचा हुआ वीर्य घुमाया और मुँह में ले लिया।
“पापा,” उसकी आवाज़ कटी हुई थी, “कल और रफ करना। मुझे गैंग के लिए भी तैयार करना है। एक साथ मुँह, चूत और गांड। आप सिखाओगे ना कि तीन लंड एक साथ कैसे लिए जाते हैं? और लाइन्स और गंदी चाहिए। ‘मेरी इस्तेमाल की हुई चूत में और डालो’, ‘डैडी के बाद बाकी सब स्लoppy सेकंड हैं’… ऐसी।”
राजेश ने उसकी गांड पर हाथ फेरा, दो उँगलियाँ अभी भी ढीले छेद में डालकर अंदर का वीर्य महसूस किया। “हाँ। कल रात से शुरू करेंगे। आज सो जा। सुबह तक तेरी चूत और गांड दोनों थोड़ी बंद हो जाएँगी। फिर दोबारा खोलनी पड़ेंगी।”
प्रिया मुस्कुराई। आँखें बंद करके उनके शरीर से और चिपक गई, नंगी, भरी हुई, टपकती हुई।
घर फिर चुप हो गया। सिर्फ दो थकी हुई साँसें और कभी-कभी प्रिया की हल्की सिसकी जब अंदर का वीर्य सरकता था।


This is an original creative work by Salty Vixen. This story/article, including its characters, plot, and descriptive content, is protected by copyright law. Unauthorized copying, sharing, reposting, or reproduction in any format is strictly prohibited. This content may not be used for AI training, data scraping, machine learning, or any form of artificial intelligence development without explicit written permission from Salty Vixen Publishing LLC. Violators will be pursued to the fullest extent of the law.

