राहुल 25 साल का था और दिल्ली के साउथ दिल्ली यूनिवर्सिटी एरिया के पास एक छोटे से PG में रहता था। MBBS पूरा करने के बाद अब वो MD की पढ़ाई और हॉस्पिटल रिसर्च में लगा हुआ था। दिन भर किताबें, नोट्स और ड्यूटी में बीत जाता। रात को जब अकेला होता तो बॉडी बहुत गरम हो जाती। वर्जिन था बिलकुल। कभी किसी लड़की ने छुआ नहीं था। फोन में पॉर्न देखकर हाथ से ही काम चलाता, लेकिन संतुष्टि नहीं मिलती। उसका लंड मोटा था, लंबा था, नसें साफ दिखती थीं। कई बार सोचता “बेटे का मोटा लंड” अकेला पड़ा रहता है।
उस रात करीब ग्यारह बज रहे थे। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। राहुल बिस्तर पर लेटा हुआ था, टी-शर्ट और बॉक्सर में। अचानक मम्मी का Facetime आया। मम्मी घर पर अकेली थीं। पापा ऑफिस के काम से बाहर शहर गए थे, तीन दिन के लिए। मम्मी की उम्र 47 साल थी। नाइटी पहनी हुई थी, बाल खुले थे, चेहरे पर थकान और साथ में कुछ और भी था।
राहुल ने कॉल उठाया। “हैलो मम्मी।”
“बेटा, सो गया था क्या? आवाज नींद वाली लग रही है।”
“नहीं मम्मी, अभी लेटा था। पढ़ाई कर रहा था।”
मम्मी ने स्क्रीन के करीब आकर देखा। “चेहरा थका हुआ लग रहा है। खाना खाया? और वो… कोई गर्लफ्रेंड तो नहीं बनी अभी तक?”
राहुल हल्का हँसा। “नहीं मम्मी। टाइम ही नहीं मिलता। डॉक्टर बनने में लगा हूँ। सब लोग बोलते हैं पहले करियर बनाओ।”
मम्मी चुप हो गईं थोड़ी देर। फिर बोलीं, “बेटा, इतना कंट्रोल मत कर। जवानी है। बॉडी को भी जरूरत होती है। मम्मी जानती है। पापा तो अब मुझसे बात भी नहीं करते। रात को अकेले बहुत अजीब लगता है।”
राहुल का दिल जोर से धड़कने लगा। उसका हाथ अपने आप नीचे की तरफ चला गया। “मम्मी… आप भी अकेली हो ना घर पे। पापा की अनुपस्थिति में कुछ नहीं होता?”
मम्मी की साँस थोड़ी तेज हुई। “कभी-कभी बहुत गरम लगती हूँ बेटा। और आज तो बारिश भी हो रही है। और तू भी… तेरे चेहरे से लग रहा है कुछ छुपा रहा है।”
राहुल ने हिम्मत करके फोन को थोड़ा नीचे टिल्ट किया। उसका लंड पहले से ही सख्त हो चुका था। स्क्रीन पर साफ दिख गया – मोटा, लालिमा लिए हुए, टिप पर हल्की नमी। “मम्मी… मैं बहुत हॉर्नी हूँ आज। आज तक किसी ने छुआ नहीं। सिर्फ हाथ से ही…”
मम्मी की आँखें चौड़ी हो गईं। उन्होंने फोन को एडजस्ट किया और नाइटी का पल्लू हटा दिया। बड़े स्तन दिखे, ब्रा के ऊपर से। फिर नाइटी और ऊपर खींची। चूत दिख गई – नरम, हल्के बाल, और पहले से ही गीली लग रही थी। “बेटा… मम्मी भी गरम है। दिखा ना प्रॉपरली। स्ट्रोक कर। मम्मी देखना चाहती है।”
राहुल ने लंड को मुट्ठी में पकड़ा और धीरे-धीरे हिलाने लगा। “मम्मी आप भी उंगली डालो। मैं देखना चाहता हूँ। maa beta chuddai जैसी फीलिंग आ रही है अंदर से।”
मम्मी ने दो उंगलियाँ अपनी चूत में डाल दीं और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगीं। गीली आवाज आने लगी। “आह… बेटा… तेरे लिए वेट हो रही हूँ। कितना बड़ा और मोटा है तेरा लंड। मम्मी को चाहिए था ये। oui maa oui maa… और तेज कर बेटा।”
दोनों की साँसें तेज हो रही थीं। राहुल बोल रहा था, “मम्मी आपकी चूत कितनी टाइट और गीली लग रही है स्क्रीन पर। मैं डालना चाहता हूँ अंदर। सोच रहा हूँ bete ne maa ko choda। पूरा लंड अंदर।”
मम्मी और तेज उंगलियाँ चला रही थीं। “सोच के कर बेटा। मम्मी तेरा लंड ले रही है। डीप जा रहा है। आह… माँ की चूत बेटे ने मारी। और तेज स्ट्रोक कर। मम्मी देख रही है।”
मम्मी ने और खुलकर बात शुरू की। “कभी सोचती हूँ अगर तू यहाँ होता तो मैं तेरा लंड मुँह में लेती। blowjob देती। maa ne bete ka lund chusa। पूरा गले तक लेती और चूसती। हिंदी सेक्स कहानी जैसी रात होती।”
राहुल का हाथ और तेज हो गया। लंड की टिप से प्रीकम निकल रहा था। “मम्मी मैं आ रहा हूँ। आप भी साथ में करो। horny mom की तरह उंगली चलाओ। naughty mummy beta chudai।”
“हाँ बेटा… मम्मी भी आ रही है। उंगली से तेरे नाम से रगड़ रही हूँ। आह… आह…!”
दोनों लगभग एक साथ झड़ गए। राहुल ने जोर से कम किया, सफेद गाढ़ा तरल स्क्रीन की तरफ उछला। मम्मी ने अपनी उंगलियाँ बाहर निकालीं और जूस दिखाया। “Papa mom ab meri hai… आज से मम्मी तेरी है बेटा। ये रात याद रखना।”
दोनों थोड़ी देर चुप रहे, साँसें संभालते हुए। फिर मम्मी बोलीं, “बेटा, ये हमारी गुप्त बात है। किसी को पता नहीं चलना चाहिए। लेकिन कल फिर कॉल करना। मम्मी वेट करेगी। delhi incest story जैसी और लंबी रात चाहिए।”
“हाँ मम्मी। मैं भी चाहता हूँ। माँ बेटे की पहली रात ये थी। आगे और होगा।”
फोन कट गया। राहुल बिस्तर पर लेटा रहा। लंड अभी भी गीला था। वो सोच रहा था कि अगली बार और आगे बढ़ेगा। मम्मी की चूत का स्वाद लेना है। लंड चूसवाना है। और एक दिन दिल्ली से घर जाकर असली में माँ को चोदना है।
अगले दिन राहुल का मन पढ़ाई में नहीं लगा। हॉस्पिटल से लौटकर वो फिर से फोन घूरता रहा। रात को मम्मी ने खुद कॉल किया। इस बार मम्मी ने हल्की सी शराब पी हुई थी। आवाज में नशा था। “बेटा… आज drunk mom हूँ थोड़ी। पापा का मैसेज आया, और दो दिन रुकेंगे।”
राहुल तुरंत गरम हो गया। “मम्मी आज और खुलकर बात करेंगे?”
“हाँ बेटा। आज मम्मी lingerie पहन के बैठी हूँ। काला वाला। दिखाऊँ?”
मम्मी ने कैमरा घुमाया। काली ब्रा और पैंटी में थीं। स्तन बड़े और भारी लग रहे थे। पैंटी के ऊपर से चूत की शेप साफ थी। “देख बेटा। मम्मी तेरे लिए तैयार हूँ।”
राहुल ने अपना लंड निकाल लिया। “मम्मी आज blowjob वाली बात करो। मैं सुनना चाहता हूँ कैसे चूसोगी।”
मम्मी हँसी। “पहले तू स्ट्रोक कर। फिर मम्मी बताएगी। oui maa lund chooso। मम्मी तेरा मोटा लंड हाथ में लेती, जीभ से टिप चाटती, फिर पूरा मुँह में लेती। गले तक। और चूसती जब तक तू मेरे मुँह में न झड़ जाए।”
राहुल जोर-जोर से हिलाने लगा। “मम्मी और डिटेल में बताओ। माँ ने बेटे का लंड चूसा कैसे।”
मम्मी अपनी पैंटी साइड करके उंगली चला रही थीं। “मम्मी घुटनों पर बैठती। तेरा लंड पकड़ती। पहले धीरे चूसती, फिर तेज। हाथ से भी हिलाती साथ में। और जब तू कहता ‘मम्मी आ रहा हूँ’ तो मम्मी मुँह नहीं हटाती। पूरा निगल जाती। maa ne bete ka lund chusa और निगल लिया।”
राहुल करीब आ गया। “मम्मी मैं झड़ने वाला हूँ। आपके मुँह में सोच के।”
“हाँ बेटा झड़ जा। मम्मी का मुँह तैयार है। निषिद्ध माँ बेटा प्रेम का कम।”
राहुल जोर से कम कर गया। मम्मी भी साथ में उंगलियों से झड़ गईं। दोनों हैवी ब्रीदिंग कर रहे थे।
इस तरह कई रातें बीतीं। Facetime पर हाथ से काम, बातें, कल्पनाएँ। मम्मी बतातीं कैसे वो राहुल का लंड चूसेंगी, कैसे राहुल उनकी चूत चाटेगा, कैसे पीछे से चोदेगा। राहुल बोलता “मैं माँ को चोदूंगा। Maa Ko Choda। पूरा लंड अंदर।”
एक हफ्ते बाद राहुल ने छुट्टी ली और दिल्ली से घर चला गया। पापा अभी भी बाहर थे। घर पहुँचते ही मम्मी ने दरवाजा खोला। नाइटी में थीं। दोनों की नजरें मिलीं। बिना कुछ बोले राहुल ने मम्मी को बांहों में भर लिया और होंठों पर किस किया।
“मम्मी… अब असली में।”
मम्मी ने उसे बेडरूम में ले गईं। कपड़े उतारे। राहुल का मोटा लंड देखकर मम्मी घुटनों पर बैठ गईं। “आजा बेटा। मम्मी चूसेगी।”
उन्होंने लंड को मुँह में लिया। धीरे-धीरे चूसने लगीं। जीभ घुमाती, हाथ से हिलाती। राहुल बाल पकड़कर धीरे धक्के मार रहा था। “मम्मी… माँ ने बेटे का लंड चूसा। बहुत अच्छा लग रहा है।”
मम्मी ने काफी देर चूसा। फिर बिस्तर पर लेट गईं। टांगें फैला दीं। “अब चोद बेटा। माँ की चूत बेटे ने मारी। डाल दे।”
राहुल ऊपर चढ़ा। लंड को चूत पर रगड़ा और धीरे अंदर धकेल दिया। मम्मी कराह उठीं। “आह… बड़ा है… धीरे… फिर तेज।”
राहुल धक्के मारने लगा। “मम्मी मैं चोद रहा हूँ। maa beta chudai। Papa mom ab meri hai।”
दोनों देर तक चले। राहुल ने मम्मी के मुँह में भी कम किया, चूत में भी। रात भर कई राउंड हुए। सुबह जब दोनों थके हुए लेटे थे तो मम्मी बोलीं, “बेटा, ये हमारी गुप्त चुदाई है। जब चाहे आना। मम्मी तैयार रहेगी।”
राहुल ने सिर हिलाया। दिल्ली वापस जाते समय वो जानता था कि अब माँ बेटा का रिश्ता बदल चुका है। निषिद्ध प्रेम और चुदाई दोनों का हिस्सा बन चुकी थी।
(कहानी यहीं जारी रह सकती है आगे की रातों और मुलाकातों के साथ, लेकिन मुख्य घटनाएँ ये रही – Facetime से शुरू होकर असली चुदाई तक।)
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