शाहरुख को उस वादे का इंतजार कई हफ्तों से था। कोचिंग की आखिरी क्लास के बाद जब नतीजे आए तो उसके हाथ कांप रहे थे। नब्बे से ऊपर नंबर। टॉपर। वह अकेला क्लासरूम में बैठा रहा जब तक बाकी बच्चे निकल नहीं गए। परी मैडम ब्लैकबोर्ड पोंछ रही थीं। साड़ी की पल्लू उनके कंधे से सरक गई थी और ब्लाउज के ऊपर से स्तनों की गोल लकीर साफ दिख रही थी।
उन्होंने मुड़कर देखा। आंखों में वह वही चमक थी जो उस दिन थी जब उन्होंने कहा था—“अगर तू पास हो गया तो मैं तुझे चोदने दूंगी। पूरा। अंदर तक। क्रीमपाई तक।”
शाहरुख ने आवाज दबाकर बताया। परी पास आईं। टेबल के किनारे बैठ गईं और एक पैर ऊपर उठा लिया। सलवार के अंदर पैंटी नहीं थी। उनकी चूत पहले से गीली थी, बालों के बीच गुलाबी मांस चमका। उन्होंने शाहरुख का हाथ पकड़कर अपनी जांघों के बीच रख दिया।
“उंगली डाल के चख,” उन्होंने फुसफुसाया। “देख कितनी तैयार हूँ तेरे नंबर सुनकर।”
शाहरुख घुटनों के बल बैठ गया। दो उंगलियां अंदर घुसीं। गरम, चिकना, कसकर भींचने वाला मांस। उसने जीभ निकाली और क्लिट चूसने लगा। परी की सांस फूल गई। एक हाथ से उन्होंने उसकी बाल पकड़ लिए और चेहरा और अंदर दबा दिया। पानी टपकने लगा। शाहरुख ने सब चाट लिया।
“आज रात मेरे फ्लैट आ,” परी ने कहा, आवाज कांपती हुई। “पूरी रात। मुंह भी, चूत भी, गांड भी। और आखिर में अंदर ही झाड़ देना। वादा था ना।”
रात नौ बजे शाहरुख उनके फ्लैट के बाहर खड़ा था। दरवाजा खुला तो परी लाल साड़ी में थीं। ब्लाउज के दो बटन खुले हुए, निप्पल कड़े और बाहर को धकेले हुए। उन्होंने उसे अंदर घसीटा, दरवाजा बंद किया और दीवार से सटा दिया। पैंट के ऊपर से उनके हाथ ने उसके लंड को मसला। वह पहले से पत्थर जैसा तना हुआ था।
“इतना मोटा हो गया सिर्फ सोचकर?” उन्होंने कहा और घुटनों पर बैठ गईं। पैंट नीचे खींची। आठ इंच का मोटा, नसें उभरी हुई लंड उनके चेहरे के सामने झूल गया। परी ने पहले जीभ से नीचे से ऊपर तक चाटा, फिर सिर मुंह में ले लिया। गला तक। आवाज ग्लक-ग्लक की आने लगी। थूक बहकर उनके स्तनों पर गिरने लगा। उन्होंने आंखें ऊपर उठाकर शाहरुख को देखा और और गहरा निगल लिया।
जब लंड पूरी तरह भीग गया तो उन्होंने उसे छोड़ दिया और फर्श पर लेटने का इशारा किया। साड़ी कमर तक उठा ली और उसके चेहरे पर बैठ गईं। मोटी, बालों वाली, पूरी तरह खुली चूत उसके मुंह पर आ गई। शाहरुख की जीभ अंदर घुसी, क्लिट चूसी, दो उंगलियां गांड के छेद में भी डाल दीं। परी उसके चेहरे पर जोर-जोर से रगड़ने लगीं। जांघें कांपने लगीं।
“चाट साले… और जोर से… मैं तेरे मुंह में पानी छोड़ने वाली हूँ…”
थोड़ी देर बाद उनके शरीर में झटका आया। गर्म पानी की धार शाहरुख के मुंह और गले में भर गई। उसने सब पी लिया। परी कुछ देर वहीं बैठी रहीं, सांस लेती हुई, फिर उठकर बेड की तरफ चलीं।
साड़ी और ब्लाउज फर्श पर गिर गए। नंगी परी बेड पर लेट गईं और पैर फैला दिए। शाहरुख उनके ऊपर चढ़ा। लंड की नोक उनकी चूत के मुंह पर रगड़ी। धीरे-धीरे धक्का दिया। आधा अंदर गया तो परी की कमर उठी।
“पूरा डाल… मोटा है… मेरी बच्चेदानी तक छू…”
पूरा लंड अंदर समा गया। परी की चूत ने उसे कसकर भींच लिया। शाहरुख रुक-रुककर पेलने लगा। हर धक्के पर उनके बड़े स्तन हिलते। उसने निप्पल मुंह में ले लिए और चूसने लगा। परी के नाखून उसकी पीठ पर चल रहे थे।
थोड़ी देर बाद उन्होंने करवट बदली। हाथ-घुटनों पर झुक गईं। शाहरुख पीछे से आया और एक झटके में पूरा घुसा दिया। गांड पर थप्पड़ पड़ा। आवाज गूंजी। परी सिर नीचे किए हुए कराह रही थीं—“और जोर से चोद… टीचर की चूत फाड़ दे… आह्ह…”
मिशनरी में उन्होंने अपने पैर उसके कंधों पर रख दिए। लंड और गहरा चला गया। हर बार जब वह पूरी तरह अंदर जाता, परी की आंखें बंद हो जातीं।
“अंदर तक जा… मैं तेरे बच्चे से पेट भर जाऊंगी… फिर भी मत रुक…”
काउगर्ल में परी ऊपर चढ़ गईं। गोलाकार हिलने लगीं। स्तन उसके चेहरे के सामने झूल रहे थे। शाहरुख ने दोनों हाथों से उन्हें मसला, निप्पल काटे। परी की गति तेज होती गई। पहली बार उनका शरीर कांप उठा। चूत ने लंड को इतना कस लिया कि शाहरुख को खुद को रोकना पड़ा।
“अब मत निकालना,” उन्होंने हांफते हुए कहा। “वादा था। क्रीमपाई। अंदर ही झाड़। पूरा दूध मेरी चूत में भर दे।”
शाहरुख ने कमर और तेज की। आखिरी दस-बारह धक्के गहरे और भारी थे। फिर वह अंदर ही रुक गया। गर्म वीर्य की मोटी धारें उनकी बच्चेदानी में भरती चली गईं। परी ने महसूस किया—गरम, गाढ़ा, भरता हुआ। उन्होंने लंड को अंदर ही दबाए रखा जब तक आखिरी बूंद नहीं निकल गई।
जब शाहरुख निकला तो सफेद गाढ़ा वीर्य उनकी खुली चूत से बाहर टपकने लगा, जांघों पर बहने लगा। परी ने उंगली अंदर डाली, निकाला और चाट लिया।
“स्वादिष्ट है तेरा माल।”
उन्होंने बेडसाइड से तेल लिया। फिर से हाथ-घुटनों पर झुक गईं और गांड फैला दी। शाहरुख ने पहले उंगली से तैयार किया, फिर धीरे-धीरे लंड गांड के तंग छेद में धकेला। परी की सांस अटक गई।
“धीरे… बड़ी है तेरी… पूरा डाल दे… मेरी गांड भी अब तेरी है…”
पूरा अंदर चला गया तो शाहरुख पेलने लगा। हर धक्के पर उनकी चूत से पहले वाला वीर्य और निकलता। थोड़ी देर बाद वह वापस चूत में घुसा और दूसरी बार और भी ज्यादा मात्रा में अंदर झाड़ दिया। परी पेट के बल लेट गईं, पैर फैलाए हुए। दोनों छेदों से सफेद तरल बह रहा था।
सुबह तक उन्होंने तीन बार और किया। बाथरूम की टाइल पर खड़े-खड़े, किचन की टेबल पर लेटाकर, फिर बेड पर एक बार और। हर बार आखिर में शाहरुख अंदर ही छोड़ता और परी उसे अंदर दबाए रखतीं जब तक लंड नरम न हो जाए।
सूरज निकलने से पहले परी उसके सीने पर सिर रखकर लेटी हुई थीं। उनकी उंगलियां उसके लंड पर धीरे-धीरे फिर से तनाने लगी थीं।
“अगली बार जब तू एग्जाम दे,” उन्होंने धीमी आवाज में कहा, “फिर से यही वादा। पास हुआ तो फिर क्रीमपाई। फेल हुआ तो… फिर भी चोदूंगी। लेकिन उस बार मैं ऊपर से तुझे चोदूंगी।”
शाहरुख ने कुछ नहीं कहा। उसने बस उन्हें करीब खींच लिया। परी की जांघें फिर खुल गईं और रात का आखिरी दौर शुरू हो गया—धीरे, गहरा, और फिर से अंदर तक भर देने वाला।
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