देवर ने विधवा भाभी को रात भर चोदा – भाभी की बेकाबू चुदाई की गर्म कहानी by Salty Vixen

देवर ने विधवा भाभी को रात भर चोदा – भाभी की बेकाबू चुदाई की गर्म कहानी by Salty Vixen

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प्रिया की उम्र २९ साल थी, लेकिन उसकी देह अभी भी २२ साल की दुल्हन जैसी ताज़ा और आकर्षक थी। गोरी चमकदार त्वचा, भारी-भारी स्तन, पतली कमर और गोल मोटा गाँड। शादी के बाद पति विक्रम ने उसे कभी सही से चोदा ही नहीं। बस रात को दो मिनट में झड़ जाता और सो जाता।

जब विक्रम की अचानक मौत हुई तो पूरे घर में मातम छा गया। लेकिन प्रिया के अंदर एक अजीब सी राहत भी थी। अब वो आज़ाद थी… लेकिन अकेली भी।

देवर राहुल (२६ साल) हमेशा उसका साथ देता। वो जिम जाता था, चौड़ी छाती, मोटी बाहें, और वो गहरी नज़रें जो प्रिया को देखते ही उसकी चूत गीली कर देतीं।

बारिश वाली वो रात…

बिजली चली गई। पूरे घर में अंधेरा। सास-ससुर ऊपर सो चुके थे।

प्रिया अपने बेडरूम में लेटी थी। सिर्फ़ एक हल्की नाइट सूट पहने हुए। उसकी उंगलियाँ अपनी चूत पर थीं, लेकिन संतोष नहीं हो रहा था।

दरवाज़ा धीरे से खुला।

“भाभी…?”

राहुल अंदर आया। सिर्फ़ ब्लैक शॉर्ट्स में। उसकी छाती पसीने से चमक रही थी।

“राहुल… क्या हुआ?” प्रिया ने घबराकर पल्लू संभाला।

“छत से पानी टपक रहा है भाभी। मैं देख लूँ?”

वो पास आया। मोमबत्ती की रोशनी में दोनों की आँखें मिलीं। राहुल ने छत देखा, फिर प्रिया की तरफ़ मुड़ा।

“भाभी… तुम बहुत अकेली हो गई हो ना?”

प्रिया की आँखें भर आईं। “हाँ राहुल… बहुत।”

राहुल ने बिना कुछ कहे उसे गले लगा लिया। उसकी मजबूत बाहों में प्रिया का शरीर काँप उठा। दो साल बाद किसी मर्द की गर्माहट।

“राहुल… ये गलत है… तुम मेरे देवर हो…”

“भाभी, मैं तुम्हारा देवर हूँ… लेकिन अब मैं तुम्हारा आदमी भी बनना चाहता हूँ।”

उसने प्रिया के होंठों पर किस कर दिया। पहले नरम, फिर भूखा। जीभ अंदर डाल दी। प्रिया विरोध कर रही थी लेकिन उसका शरीर जवाब दे चुका था।

राहुल ने उसे बिस्तर पर धकेल दिया। नाइट सूट का टॉप ऊपर किया। ब्रा नहीं पहनी थी। उसके बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए।

“वाह भाभी… कितने साल से इनको चूसने का मन था…”

उसने एक निप्पल मुँह में ले लिया। ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। प्रिया कराह उठी — “आह्ह्ह… राहुल… धीरे…”

राहुल ने दूसरे स्तन को मसलते हुए निचला हिस्सा खोला। प्रिया की पैंटी पूरी गीली थी। उसने नाक लगाकर सूँघा।

“भाभी… तुम्हारी चूत तो बहुत प्यासी है…”

उसने पैंटी उतारी और जीभ से चाटना शुरू कर दिया। लंबी-लंबी लिक्कड़ें। क्लिटोरिस को चूसना। दो उंगलियाँ अंदर डालकर तेज़-तेज़ अंदर-बाहर करना।

प्रिया पहली बार इतना जोरदार झड़ गई। उसका पूरा शरीर काँप रहा था। “राहुल… मैं मर गई… उफ्फ़…”

राहुल ने शॉर्ट्स उतारे। उसका मोटा, लंबा, नसों वाला लंड तना हुआ खड़ा था।

“भाभी… अब लो… अपना देवर का मोटा लंड।”

प्रिया ने हाथ बढ़ाया और पकड़ लिया। पहली बार इतना सख्त और गर्म लंड महसूस कर रही थी। वो खुद नीचे सरक गई और मुँह में ले लिया।

“हाँ भाभी… चूसो… अच्छे से चूसो…”

प्रिया गले तक ले रही थी। राहुल उसके बाल पकड़कर मुँह में ठेल रहा था।

फिर उसने प्रिया को चारों खाने चित किया और एक ही झटके में पूरा लंड अंदर ठेल दिया।

“आआआह्ह्ह्ह!!! राहुल… फट गई… बहुत मोटा है…”

राहुल रुक नहीं। तेज़-तेज़ ठेलने लगा। हर धक्के पर प्रिया चीख़ रही थी।

“भाभी… तुम मेरी हो… अब रोज़ चुदोगी… समझी?”

“हाँ… राहुल… चोदो मुझे… अपनी भाभी को फाड़ दो…”

उन्होंने तीन राउंड किए — missionary, doggy (जिसमें राहुल ने उसके बाल खींचे और गाँड पर थप्पड़ मारे), और अंत में cowgirl में प्रिया खुद ऊपर-नीचे कूद रही थी।

आखिरी में राहुल ने अंदर ही झड़ दिया। गर्म वीर्य प्रिया की चूत में भर गया।

सुबह प्रिया शर्म से मरी जा रही थी, लेकिन उसकी चूत अभी भी राहुल के लंड की याद में काँप रही थी।

राहुल ने चाय लाकर दी। “भाभी… कल रात का पछतावा मत करना। मैं तुम्हें खुश रखूँगा।”

दिन भर छुप-छुपकर मौके बनाते रहे। रसोई में राहुल पीछे से लग गया। उसके हाथ प्रिया के स्तनों पर। “भाभी… शाम को फिर आऊँगा।”

शाम को जब सास-ससुर मंदिर गए तो राहुल ने प्रिया को बाथरूम में घसीटा।

वहाँ खड़े-खड़े चोदा। प्रिया का एक पैर उठाकर। “आह्ह्ह… राहुल… कोई आ जाएगा…”

“आने दो… मैं तुम्हें अपनी रंडी बना के छोड़ूँगा…”

इस बार उसने प्रिया की गांड भी चाटी। उंगली डाली। प्रिया पहले तो शरमा रही थी, लेकिन जल्दी ही मस्त हो गई।

“राहुल… मुझे सब कुछ सिखा दो… मैं तुम्हारी हूँ…”

रात को फिर पूरा खेल। इस बार राहुल ने उसे बोला — “भाभी, मैं तुम्हें गर्भवती करना चाहता हूँ। मेरा बच्चा पेट में डालना चाहता हूँ।”

प्रिया शरमा गई, लेकिन उसकी चूत ने जवाब दिया। वो और भी गीली हो गई।

अगले कुछ दिन प्रिया के लिए स्वर्ग और नर्क दोनों थे। दिन में वो सास के सामने सती-सावित्री बनी रहती, लेकिन राहुल जब भी मौका पाता, उसे छू लेता।

एक दिन दोपहर को सास-ससुर बाज़ार गए। राहुल ने प्रिया को रसोई में पकड़ लिया।

“भाभी… अब नहीं रुक सकता…”

उसने प्रिया की साड़ी ऊपर की और पीछे से घुस गया। प्रिया सिंक पकड़कर खड़ी थी। राहुल ने जोर-जोर से ठेलना शुरू किया।

“आह्ह्ह… राहुल… तेज़… फाड़ दो…”

“भाभी, तुम्हारी चूत तो रोज़ मेरे लंड के लिए तरसती है ना?”

राहुल ने उसके बाल खींचे और गाँड पर जोरदार थप्पड़ मारा। प्रिया चीख़ पड़ी लेकिन मजा भी आ रहा था। वो झड़ गई। राहुल ने भी अंदर झड़ दिया।

“अब मैं तुम्हें रोज़ भरूँगा भाभी… मेरा वीर्य तुम्हारी चूत में… और एक दिन तुम मेरे बच्चे की माँ बनोगी।”

प्रिया शरमा गई, लेकिन अंदर से रोमांच हो रहा था।

रात को राहुल उसके कमरे में आया। इस बार वो और भी तैयार था।

उसने प्रिया को नंगी करके बेड पर लिटाया। फिर अपना फोन निकाला।

“भाभी… आज मैं तुम्हें रिकॉर्ड करूँगा। देखना कितनी रंडी बन जाती हो तुम।”

प्रिया ने विरोध किया, लेकिन राहुल ने उसे चुप करा दिया। उसने प्रिया की चूत चाटी, उंगलियाँ डालीं, फिर अपना मोटा लंड उसके मुँह में ठेल दिया।

प्रिया गले तक ले रही थी। राहुल रिकॉर्ड कर रहा था।

फिर उसने प्रिया को doggy style में किया। कैमरे में साफ़ दिख रहा था कैसे उसका लंड प्रिया की चूत में घुस-घुसकर बाहर आ रहा है।

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“बोलो भाभी… बोलो कि तुम देवर की रंडी हो!”

“हाँ… मैं देवर की रंडी हूँ… राहुल… चोदो मुझे… जितना मन करे चोदो…”

राहुल ने तेज़ी से ठेला। प्रिया चीख़ रही थी। फिर उसने प्रिया की गांड पर उंगली डाली।

“आज से ये भी मेरी है…”

प्रिया पहले शरमा रही थी, लेकिन जल्दी ही वो गांड हिला-हिलाकर लेने लगी।

राहुल ने लंड निकाला और प्रिया की गांड में धीरे-धीरे घुसाया।

“आआह्ह्ह… दर्द हो रहा है राहुल…”

“आराम से भाभी… पूरा लूँगा…”

धीरे-धीरे पूरा लंड गांड में चला गया। राहुल ने धीमी गति से चोदना शुरू किया। प्रिया को दर्द के साथ मजा भी आने लगा।

“अब दोनों जगह चुदोगी भाभी…”

उस रात उन्होंने ४ राउंड किए। सुबह होने तक प्रिया थककर चूर हो गई थी, लेकिन चेहरा खुशी से चमक रहा था।

एक महीना बीत गया। अब प्रिया पूरी तरह राहुल पर निर्भर थी। वो दिन में भी मौके ढूंढकर राहुल से चुदवाती।

एक दिन सास ने शक किया। “प्रिया, राहुल के साथ ज़्यादा समय मत बिताया कर। लोग क्या कहेंगे?”

प्रिया डर गई। लेकिन राहुल ने कहा, “भाभी, डरो मत। हम सावधानी से करेंगे।”

उसी रात राहुल ने प्रिया को छत पर ले जाकर चोदा। खुली हवा में, सितारों के नीचे। प्रिया ऊपर थी। वो खुद जोर-जोर से कूद रही थी।

“राहुल… मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ… सच में…”

राहुल ने उसे चूमते हुए कहा, “मैं भी भाभी… तुम मेरी हो। भैया के जाने के बाद तुमने मुझे जिया दिया।”

उस रात राहुल ने बिना कंडोम के झड़ा। प्रिया ने रोका नहीं।

“भर दो राहुल… मुझे गर्भवती कर दो… मैं तुम्हारा बच्चा जनना चाहती हूँ।”

दो महीने बाद प्रिया को प्रेग्नेंसी का शक हुआ। टेस्ट पॉजिटिव आया।

सास-ससुर खुश थे कि “भगवान ने प्रिया को दूसरा मौका दिया”। उन्हें नहीं पता था कि बच्चा राहुल का है।

राहुल ने प्रिया को गले लगाया। “अब हमेशा साथ रहेंगे भाभी। मैं तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ूँगा।”

लेकिन अब खतरा बढ़ गया था। प्रिया की पेट निकलने लगा था। घर में छुपकर चुदाई जारी थी। राहुल प्रिया के बढ़े स्तनों को चूसता, उसकी गर्भवती चूत को चोदता।

“भाभी… गर्भवती चुदाई का मजा ही कुछ और है…”

प्रिया अब पूरी तरह उसकी हो चुकी थी — शरीर, मन और आत्मा से।

प्रिया के पेट में राहुल का बच्चा पल रहा था। तीन महीने हो चुके थे। उसके स्तन और भी बड़े हो गए थे, निप्पल्स गहरे भूरे और संवेदनशील। कमर थोड़ी मोटी हुई थी, लेकिन गाँड और जांघें और भी आकर्षक लग रही थीं।

राहुल अब और भी दीवाना हो गया था।

“भाभी… गर्भवती औरत को चोदने का मजा ही कुछ और है।”

एक दोपहर जब घर खाली था, राहुल ने प्रिया को लिविंग रूम के सोफे पर लिटाया। उसने साड़ी ऊपर की और पैंटी उतारी। प्रिया की चूत अब गर्भावस्था के कारण और भी गीली और गर्म रहती थी।

राहुल घुटनों के बल बैठा और लंबी-लंबी चाटने लगा। प्रिया उसके बाल पकड़कर अपनी चूत उसके मुँह पर दबा रही थी।

“आह्ह्ह… राहुल… चूसो… तुम्हारे बच्चे की माँ की चूत चूसो…”

राहुल ने उठकर अपना मोटा लंड निकाला और धीरे से अंदर डाला। गर्भावस्था में चुदाई और भी गहरी लग रही थी।

वो धीरे-धीरे ठेल रहा था, प्रिया के बढ़े स्तनों को चूसते हुए।

“भाभी… मैं रोज़ तुम्हें चोदूँगा… तुम्हारा पेट जब तक बड़ा नहीं हो जाता, तब तक।”

प्रिया झड़ गई। उसकी चूत राहुल के लंड को जकड़ रही थी। राहुल ने अंदर ही झड़ दिया।

लेकिन खतरा बढ़ रहा था। सास को शक हो रहा था। वो अक्सर पूछती, “प्रिया, राहुल तुम्हारे कमरे में इतनी देर क्या करता है?”

राहुल ने फैसला किया कि वो अब छुप-छुपकर नहीं रहेगा। एक रात जब सास-ससुर सो गए, उसने प्रिया को अपने कमरे में बुलाया।

“आज पूरी रात तुम मेरी हो भाभी।”

उसने प्रिया को पूरी तरह नंगा किया। मोमबत्तियाँ जलाईं। फिर उसे बेड पर लिटाकर पूरे शरीर को चूमने लगा — गर्दन, स्तन, पेट (जहाँ उसका बच्चा था), जांघें, और आखिर में चूत और गांड।

प्रिया अब बिल्कुल बेताब थी। “राहुल… जो मन करे करो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… हमेशा की।”

राहुल ने पहले missionary में चोदा। फिर doggy। फिर उसने प्रिया को उठाकर दीवार से सटाकर खड़े-खड़े चोदा।

आखिर में उसने प्रिया को cowgirl पोजीशन में बिठाया। प्रिया खुद ऊपर-नीचे कूद रही थी। उसके बड़े स्तन उछल रहे थे। राहुल नीचे से ठेल रहा था।

“भाभी… बोलो… तुम किसकी हो?”

“तुम्हारी… सिर्फ़ तुम्हारी… देवर की विधवा रंडी…”

राहुल ने उसे पलटकर गांड में लंड डाला। अब प्रिया को गांड चुदाई का पूरा मजा आ चुका था। वो पीछे हिलाकर ले रही थी।

आखिरी राउंड में राहुल ने फिर से चूत में झड़ा। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर सो गए।

नौ महीने बाद प्रिया ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। घर में खुशी छा गई। सास-ससुर ने नाम रखा — आर्यन

केवल प्रिया और राहुल जानते थे कि आर्यन राहुल का बेटा है।

राहुल ने प्रिया से शादी का प्रस्ताव रखा (घर में दूसरी शादी के रूप में)। परिवार ने मना नहीं किया क्योंकि राहुल प्रिया और बच्चे का अच्छा ख्याल रख रहा था।

शादी के बाद राहुल और प्रिया की चुदाई और भी खुलकर होने लगी। अब वो पति-पत्नी थे, लेकिन “देवर-भाभी” वाला टैबू वाला रोमांच हमेशा बना रहा।

रात को राहुल प्रिया को चोदते हुए कहता, “भाभी… तुम मेरी हो… हमेशा।”

प्रिया मुस्कुराते हुए जवाब देती, “हाँ देवर… तुमने मुझे नई ज़िंदगी दी।”